Sai tum bhagwan ho


Can't view hindi text click here to download font

दया की चादर तन पे डाले,
सांई तुम भगवान हो,
दीन दुखी के मालिक तुम हो,
धरती पर वरदान हो,
दर्श दिखा के अब सुख देदो,
तुम जीवन हो प्राण हो~~~

दया की चादर तन पे डाले,
सांई तुम भगवान हो,
दीन दुखी के मालिक तुम हो,
धरती पर वरदान हो,
दर्श दिखा के अब सुख देदो,
तुम जीवन हो प्राण हो~~~

सांई तुम्हरा नाम मन्त्र है,
रिद्दि सिद्दि है दोनो साथ,
नहीं जगत में जिसका कोई,
उसके स्वामी उसके नाथ...

अंधकार में तुम दीपक हो,
अंधकार में तुम दीपक हो,
गीत का तुम ञान हो~~~

दया की चादर तन पे डाले,
सांई तुम भगवान हो,
दीन दुखी के मालिक तुम हो,
धरती पर वरदान हो,
दर्श दिखा के अब सुख देदो,
तुम जीवन हो प्राण हो~~~

हर दिल की दौलत तुम सांई,
सब के दिल में तुम हो रहते,
भक्तों की रक्षा करते हो,
खुद सारी पीङा हो सहते...

फटा है चौला तन का बाबा,
फटा है चौला तन का बाबा,
फिर भी तुम धनवान हो~~~

दया की चादर तन पे डाले,
सांई तुम भगवान हो,
दीन दुखी के मालिक तुम हो,
धरती पर वरदान हो,
दर्श दिखा के अब सुख देदो,
तुम जीवन हो प्राण हो~~~

दया की चादर तन पे डाले,
सांई तुम भगवान हो~~~

सब की मंज़िल तुम हो बाबा,
सब को मंज़िल तुम देते हो,
जो जिसने जब भी मांगा है,
भर भर अंजल तुम देते हो...

चरण तुम्हारे नारायण है,
चरण तुम्हारे नारायण है,
तुम रत्नों की खान हो~~~

दया की चादर तन पे डाले,
सांई तुम भगवान हो,
भक्तों की तुम शान हो,
तुम गीता हो कुराण हो~~~

सांई तुम भगवान हो~~~
सांई तुम भगवान हो~~~
भक्तों की तुम शान हो,
सांई तुम भगवान हो~~~
भक्तों की तुम शान हो,
सांई तुम भगवान हो~~~

Posted By : Vinod Jindal on Jul 29, 2011


Leave Comment Share YouTube Video Contribute Content